♦️ *अनुच्छेद 142 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को किसी मामले में न्याय करने और निर्णय को पूरा करने के लिए आदेश देने की शक्ति मिली हुई है अर्थात् जब तक किसी अन्य कानून को लागू नहीं किया जाता तब तक सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है.*


♦️ *अपने न्यायिक निर्णय देते समय न्यायालय ऐसे निर्णय दे सकता है जो इसके समक्ष लंबित पड़े किसी भी मामले को पूर्ण करने के लिये जरूरी हों और इसके द्वारा दिये गए आदेश सम्पूर्ण भारत संघ में तब तक लागू होंगे जब तक इससे संबंधित किसी अन्य प्रावधान को लागू नहीं कर दिया जाता है.*


♦️ *संसद द्वारा बनाए गए कानून के प्रावधानों के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट को सम्पूर्ण भारत के लिये ऐसे निर्णय लेने की शक्ति है जो किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति, किसी दस्तावेज़ अथवा स्वयं की अवमानना की जाँच और दंड को सुरक्षित करते हैं.*


♦️ *सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 142 का प्रयोग ऐसी महत्त्वपूर्ण नीतियों में परिवर्तन के लिए कर सकता है जो जनता को प्रभावित करती हैं.*


♦️ *जब अनुछेद 142 को संविधान में सम्मिलित किया गया था तो इसे इसलिए वरीयता दी गई थी क्योंकि सभी का यह मानना था कि इससे देश के वंचित वर्गों और पर्यावरण का संरक्षण करने में सहयोग मिलेगा. जब तक किसी अन्य कानून को लागू नहीं किया जाता तब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है. सुप्रीम कोर्ट ऐसे आदेश दे सकता है जो इसके समक्ष लंबित पड़े किसी भी मामले में न्याय करने के लिये आवश्यक हों. सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश सम्पूर्ण भारत संघ में तब तक लागू होंगे जब तक इससे संबंधित किसी अन्य प्रावधान को लागू नहीं कर दिया जाता है.*


*❣️❣️चर्चा में क्यों?❣️❣️*


♦️ *संविधान के अनुच्छेद 142 के अन्दर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने COVID-19 महामारी के चलते न्यायालय की सुनवाइयों में आने के लिए लोगों पर लगाये गये सभी प्रतिबंधों को विधिसम्मत घोषित कर दिया है....*



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